देशसतना

एमआरपी सुझाव बन गई, शराब दुकानों में अपनी मर्जी का रेट: सतना में सिंडिकेट की चर्चा तेज…..

सतना जिले में इन दिनों शराब बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि अधिकांश दुकानों पर शराब एमआरपी से ऊपर खुलेआम बेची जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं, बल्कि जिले भर में एक जैसा हाल देखने को मिल रहा है।

सूत्रों की मानें तो दुकानदारों ने आपसी समझ से एक तरह का सिंडिकेट बना लिया है, जहां तय दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है।

ग्राहकों का कहना है कि जब उन्होंने वीडियो बनाकर विरोध किया, तो दुकानदारों ने बेखौफ अंदाज में जवाब दिया, लेना है तो लो, वरना जहां दिखाना है दिखा दो। ऐसे बयान न सिर्फ नियमों की अनदेखी दिखाते हैं, बल्कि यह भी संकेत देते हैं कि शायद कार्रवाई का डर कहीं खो गया है।

बीते दिनों कई वीडियो और फोटो वायरल हुए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता नजर आई। दुकानों के बाहर रेट लिस्ट तक नहीं लगी, जो हर साल आमतौर पर अनिवार्य होती है। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर इस बार नियमों की निगरानी क्यों ढीली है?

नए वित्तीय वर्ष के टेंडर के बाद से यह स्थिति और स्पष्ट हुई है। अब चर्चा इस बात की है कि यह छूट स्थानीय स्तर पर है या कहीं ऊपर से मौन सहमति मिल रही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन हालात कई संकेत जरूर दे रहे हैं।

जरूरत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले, जांच कर सख्त कार्रवाई करे और उपभोक्ताओं को उनका अधिकार दिलाए। वरना एमआरपी सिर्फ बोतल पर छपा एक आंकड़ा बनकर रह जाएगा।

Related Articles

Back to top button