वरिष्ठ अधिकारियों के अभियान पर अपवाद बनता कोतवाली थाना!…..
स्टेशन रोड पर शराबियों का जमावड़ा, कार्रवाई पर उठे सवाल……

सतना। कोतवाली थाना क्षेत्र इन दिनों कानून-व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जो सवाल भी खड़े करती है और सिस्टम की जमीनी हकीकत भी उजागर करती है। एक ओर रीवा जोन के आईजी द्वारा नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सतना शहर का सबसे व्यस्त स्टेशन रोड इलाका मानो इन अभियानों से अछूता नजर आ रहा है।
होटल महामाया के नीचे स्थित शराब दुकान के सामने रोजाना लगने वाला शराबियों का जमावड़ा अब रूटीन दृश्य बन चुका है। दिनभर व्यस्त रहने वाले इस मार्ग पर महिलाएं, बुजुर्ग और परिवारों के साथ आने-जाने वाले लोग असहज महसूस करते हैं, लेकिन हालात में सुधार की उम्मीद फिलहाल दूर नजर आती है।
हैरानी की बात यह है कि थाना महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है, पुलिस वाहन एवं अधिकारी/सिपाही भी इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन सड़क किनारे खुलेआम जाम टकराते लोग किसी कार्रवाई के भय से मुक्त दिखाई देते हैं।
स्थानीय लोग व्यंग्य में कहते हैं, शायद यह इलाका नो-एक्शन जोन घोषित कर दिया गया है….!
दबी जुवान स्टेशन रोड व्यापारियों की पीड़ा भी कम नहीं है। उनका कहना है कि शाम होते-होते हालात और बिगड़ जाते हैं। दुकान पर ग्राहक आने से कतराते हैं, खासकर महिलाएं और परिवार के लोग शाम होते ही इस रास्ते से बचने की कोशिश करने लगते हैं। स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी इस अव्यवस्था से गुजरना मजबूरी बन गया है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जोन व जिले के वरिष्ठ अधिकारी नशे के खिलाफ सख्त अभियान चला रहे हैं, बड़े माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है और पुलिस की छवि सुधारने के प्रयास जारी हैं, तब स्थानीय स्तर पर यह ढिलाई क्यों?
क्या यह केवल संसाधनों की कमी है, या फिर कोतवाली थाने की जिम्मेदारी व प्राथमिकता कहीं और तय हो रही है?
हालांकि यह भी सच है कि आईजी स्तर से लेकर जिला स्तर तक नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर सकारात्मक परिणाम सामने लाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर अवैध कारोबार पर लगाम भी कसी गई है। ऐसे में कोतवाली क्षेत्र के यह वीडिओ उन प्रयासों पर अपवाद जैसे प्रतीत होते है।
जरूरत इस बात की है कि थाना स्तर पर भी वही सख्ती और संवेदनशीलता दिखाई दे, जिसकी अपेक्षा वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। क्योंकि जब सड़क पर व्यवस्था दिखती है, तभी अभियान की सफलता असल मायने में साबित होती है।
फिलहाल, स्टेशन रोड का यह दृश्य प्रशासन से जवाब जरूर मांग रहा है…….