Home Uncategorized कान खड़े हो जाएंगे आपके जब जानेंगे AKS यूनिवर्सिटी में छात्रों के हंगामे की वजह, आखिर विवाद की क्या है जड़… पढ़ें पूरी खबर।

कान खड़े हो जाएंगे आपके जब जानेंगे AKS यूनिवर्सिटी में छात्रों के हंगामे की वजह, आखिर विवाद की क्या है जड़… पढ़ें पूरी खबर।

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सतना: AKS यूनिवर्सिटी आख़िर छात्र-छात्राओं के साथ कैसा खेल खेल रही है इसे जानने से पहले आप यह जान लीजिए कि आखिर छात्र-छात्राओं ने हंगामा क्यों किया। तो आपको बता दें कि AKS यूनिवर्सिटी के गेट पर आज सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। यही नहीं कॉलेज गेट में धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे उनका यह गुस्सा यूनिवर्सिटी के लिए इसलिए था क्योंकि उन्हें अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक ICAR यानी इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें यह कहा गया था कि जो भी प्राइवेट कॉलेज या यूनिवर्सिटी कृषि संबंधी कोर्सों को चला रहे हैं, उनका ICAR से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। नहीं तो ऐसी यूनिवर्सिटी से पढ़ने वाले छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए किसी भी बड़े शासकीय कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा और यही नहीं विभिन्न कंपनियों को भी निर्देशित किया गया है कि ICAR से मान्यता प्राप्त कॉलेज के ही पत्र छात्र-छात्राओं को ही वे नौकरी में रख सकते है। लिहाजा यहां के छात्रों को अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है और यह हंगामा करते हुए छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा हंगामा इतना ज्यादा था कि पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा।


ICAR से क्यों बाच रही AKS यूनिवर्सिटी ?

गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कृषि संकाय से जुड़े हुए कोर्स ऐसे हैं, जिनमें बोरों में पैसा आता है पैसे का नाम सामने आते ही आप भी कुछ कुछ समझ रहे होंगे तो विस्तार से समझा देते हैं। दरअसल इन कोर्सों में अच्छी खासी मोटी फीस छात्र-छात्राओं से ली जाती है लेकिन यूनिवर्सिटी का इन कोर्सों को चलने में खर्च ना के बराबर होता है, तो यह भी जान लीजिए कि यदि AKS यूनिवर्सिटी ICAR से मान्यता लेती है तो वह छात्र छात्राओं से मन मुताबिक फीस नहीं ले सकती वही सीटें भी लिमिटेड होंगी, वर्तमान में AKS यूनिवर्सिटी छात्र छात्राओं से मन मुताबिक फीस लेती है और सीटों की कोई लिमिट नहीं है यही वजह है कि एक बैच में 200 से 300 छात्र भी यहां एडमिट किए जाते हैं यहां फाइनल सेमेस्टर में ही अकेले 700 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। अकेलेे कृषि संकाय के यूनिवर्सिटी में 2000 से ज्यादा छात्र छात्राएं हैैं। अब आप समझ गए होंगे कि यूनिवर्सिटी ICAR से मान्यता क्यों नहीं ले रही, और पैसे की भूख ने यूनिवर्सिटी के मालिकों को छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करनेे की खुली छूट दे दी है।

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