Home मध्यप्रदेश एशिया के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट का पीएम करेंगे उद्घाटन।

एशिया के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट का पीएम करेंगे उद्घाटन।

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मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ तहसील में एशिया के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने जा रहा है, 1,590 एकड़ (6.4 किमी 2) के क्षेत्र में एक प्रस्तावित सौर पार्क बनाया गया है। परियोजना जनवरी 2020 में 750 मेगावाट बिजली की क्षमता के साथ चालू होगया है। यहां की बिजली से ना सिर्फ दिल्ली मेट्रो के पहिये चल रहे हैं, बल्कि मध्य प्रदेश के साथ अन्य राज्य के लोगों के घर रोशन होंगे, पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन करने की सोच को यह सोलर प्लांट साकार कर रहा है। 


पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए विश्व स्तर पर क्लाइमेट चेंज को लेकर विश्व स्तरीय सम्मेलन हुआ था जिसमें सभी देशों को सोलर प्लांट ओं पर काम करने का प्रस्ताव लाया गया था इसके बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1लाख 75 हजार मेगा वाट बिजली का उत्पादन सोलर एनर्जी के द्वारा किए जाने का लक्ष्य रखा था, इसी कड़ी में सबसे पहला और सबसे बड़ा 750 मेगा वाट सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन का काम मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शुरू हुआ, जो एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट है। 10 जुलाई को पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन करेंगे। रीवा सोलर प्लांट से दिल्ली मेट्रो को भी बिजली सप्लाई होती है। यह प्लांट पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है जो कि अपनी पूरी क्षमता 750 मेगावट बिजली उत्पादन करना सुरु कर दिया है। यह प्लांट रीवा जिला मुख्यालय 30 किलोमीटर दूर गुढ़ में स्थापित है। यह अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट लगभग 1590 एकड़ बंजर पहाड़ी इलाके में तैयार किया गया है। जनवरी 2020 में ही 750 मेगावाट की क्षमता के साथ यह चालू हो गया है। लेकिन पीएम मोदी से टाइम नहीं मिलने की वजह से आज तक इसका लोकार्पण नहीं हो पाया था। अब पीएम मोदी 10 जुलाई को इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड, एमपी उर्जा विकास निगम लिमिटेड और भारत की सौर उर्जा निगम की एक ज्वाइंट वेंचर है। 


यहां से उत्पादित 24 फीसदी बिजली दिल्ली मेट्रो को बेची जाएगी। दिल्ली मेट्रो को यहां से 2.97 रुपये प्रति यूनिट के दर से बिजली मिलती है। तत्कालीन केंद्रीय नगर विकास मंत्री वेंकैया नायडू की मौजूदगी में 2017 में इसके लिए एमओयू हुआ था। प्लांट के अंदर सौर उर्जा से बिजली उत्पादन के लिए 3 यूनिट हैं। तीनों इकाइयों से 250-250 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। 2018 से ही यहां बिजली का उत्पादन शुरू हो गया था। जनवरी 2020 से सोलर पावर प्लांट ने अपनी पूरी क्षमता के साथ बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया है। इस परियोजना के शुरू हो जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रीवा का नाम स्थापित होगा। 


वर्तमान समय में जब बिजली का उत्पादन बेहद खर्च से भरा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को भी महंगी दरों में बिजली प्राप्त हो रही है। यही नहीं प्रकृति को भी  नुकसान पहुंचता है, ऐसे में सोलर एनर्जी के जरिए बेहद कम खर्च में बिजली के उत्पादन को ध्यान में रखते हुए प्लांट लगाने की तैयारी शुरू की गई इसके लिए रीवा के गुढ़ स्थित पहाड़ी इलाके को चुना गया जहां 4हजार 500 करोड़ के निवेश के साथ प्लांट लगाने की शुरुआत की गई, जो कि बेहद कम दरों में बिजली का उत्पादन कर रहा है यही वजह है कि राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का रीवा जिला एकलौता जिला है जो कि विश्व स्तर पर सबसे सस्ती और 750 मेगा वाट बिजली का उत्पादन कर रहा है। इस प्लांट के लगने के बाद उम्मीद जगी है कि बिजली के भारी भरकम बिलों से लोगों को भविष्य में निजात मिलेगी, सोलर प्लांट के लगने से इस एरिया का विकास होगा ना केवल बिजली बल्कि रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। रीवा अल्ट्रा सोलर प्लांट गुढ़ की तर्ज पर ही सिरमौर में भी नया सोलर प्लांट लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। आने वाले समय मे रीवा सोलर एनर्जी का हब्ब होगा और प्रदेश में जितने सोलर प्लांट लगेंगे सभी रीवा अल्ट्रा सोलर प्लांट के नाम पर होंगे।

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