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जबलपुर ,आखिर क्यों हुआ अपना ही खून ‘खून का प्यासा और कर डाली यह खौफनाक वारदात

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जबलपुर। चौरई बरगी निवासी दंपत्ती सुमेरी लाल कुलस्ते 60 वर्ष एवं सिया बाई 55 वर्ष की अंधी हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। जादू टोना का शक व संपत्ती विवाद के चलते सुमेरी के भतीजे चौरई निवासी दयाराम कुलस्ते 27 वर्ष ने दोनों को मौत के घाट उतारा था। गिरफ्त में आए दयाराम ने कहा कि बड़े माता-पिता उसे मरने के लिए मजबूर कर रहे थे इसलिए उसने दोनों को मार डाला।

बका से सिर पर हमला, खाट में लगा दी थी आग: एएसपी बघेल ने बताया कि नौ जनवरी की रात करीब नौ बजे दयाराम ने अपने दोस्त से बड़े माता-पिता के कारण होने वाली तकलीफ का जिक्र किया था। उसने कहा कि बड़े पिता व बड़ी मां जब तक जिंदा रहेंगे तब तक उसका परिवार खुश नहीं रह सकता। दोनों ने बहुत समय तक उसे एवं उसके परिवार को परेशान कर लिया है।

दोनों को जान से मारने की बात कहकर वह घर चला गया। घर से बका लेकर सुमेरी की झोपडी के पास पहुंचा। जहां सुमेरी व सिया बाई झोपडी के भीतर खटिया पर सो रहे थे। मौका देखकर उसके दोनों के सिर पर बका से 3-4 बार हमला किया। कुछ ही देर में दोनों की मौत हो गई। जिसके बाद खटिया के नीचे लकडि़यों का गट्ठा रखकर केरोसिन डालकर उसमें आग लगा दी। झोपड़ी के पास बंधी गाय व बैल को नुकसान न हो इसलिए चाकू से रस्सी काटकर उन्हें भगा दिया। बड़े पिता के जादू टोना संबंधी देव दिवाला को नष्ट करने के लिए उसने सब्बल से झोपड़ी में बने दूसरे कमरे की खोदाई की। जहां कुछ न मिलने पर उसमें ताला लगा दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद खेत में चाकू फेंककर टेमर नदी पहुंचा। जहां गहरे पानी में बका फेंक दिया। वहीं अपने कपड़े धोए और घर जाकर सो गया।

अगले दिन गांव में रहने वाले प्रहलाद के साथ काम पर गया। जहां वारदात के समय पहने कपड़े जला दिया मजदूरी करने के बाद वह हिनौतिया भोई में अपने साले के पास चला गया।

इसलिए था परेशान:

 एएसपी बघेल ने बताया कि सुमेरी का अपने छोटे भाई सुक्लू कुलस्ते एवं कंधीलाल उर्फ गुड्डा कुलस्ते से जमीन का विवाद था। कंधी का बेटा दयाराम विवाद से तंग हो चुका था। दयाराम बकरियां चराता था तथा मजदूरी करता था दयाराम ने पुलिस को बताया कि सुमेरी एवं सिया बाई जादू टोना कर उसके परिवार को परेशान करते थे। उनके जादू टोना के कारण पांच साल पूर्व उसके भाई सीताराम ने आत्महत्या कर ली थी। सुमेरी ने उसकी जमीन पर कब्जा कर रखा था। जब भी बड़े पिता उसके सामने आते उसका शरीर कांपने लगता था। बड़े पिता उसे अपशब्द कहते, जंगल में बकरियां चराने नहीं देते थे। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी थी। जिससे वह बहन की शादी नहीं कर पा रहा था।

यह है मामला: बरगी नगर चौकी अंतर्गत चौरई निवासी सुमेरी व सिया बाई का शव कोयले की तरह जली अवस्था में 10 जनवरी की सुबह खेत में बनी टपरिया में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि की गई थी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने घटनास्थल का जायजा लेकर हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपित की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे प्रभारी सीएसपी बरगी अपूर्वा किलेदार, टीआइ रीतेश पांडेय, बरगी नगर चौकी प्रभारी आशुतोष मिश्रा समेत क्राइम ब्रांच की टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सघन विवेचना उपरांत आरोपित दयाराम को गिरफ्तार कर लिया।

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