सतना केंद्रीय जेल का डीजी ने किया निरीक्षण, नई बैरकों का उद्घाटन, बंदियों को मिलेंगी नई सुविधाएं…….

मध्यप्रदेश के जेल महानिदेशक (डीजी) वरुण कपूर ने शुक्रवार को सतना केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर में निर्मित तीन नई बैरकों का उद्घाटन किया और बंदियों के लिए तैयार किए गए भोजन का भी स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जेल डीजी ने बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान के लिए जेल प्रशासन को निर्देशित किया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस., पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, जेल अधीक्षक लीना कोष्टा सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बंदी मौजूद रहे। उद्घाटन की गई तीन बैरकों में दो बंदियों के रहने के लिए और एक अस्पताल वार्ड के रूप में तैयार की गई है, जिससे जेल में चिकित्सा सुविधाएं भी बेहतर होंगी।
मीडिया से चर्चा करते हुए जेल डीजी वरुण कपूर ने बताया कि प्रदेश की जेलों में बंदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की जेलों में लगभग 42 हजार बंदी निरुद्ध हैं, जबकि जेलों की क्षमता करीब 30 हजार की है। इस कारण ओवरक्राउडिंग की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में ओवरक्राउडिंग लगभग 54 प्रतिशत थी, जिसे कम करने के प्रयास किए गए हैं और अब यह राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंच गई है। इसी दिशा में प्रदेशभर में 122 नई बैरकों का निर्माण कराया जा रहा है।
डीजी ने बताया कि बंदियों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू करने की तैयारी है। वर्ष 2016 में बंद हुई व्यवस्था को फिर से शुरू करते हुए अब बंदियों को दो माह में एक बार अपने घर से चिन्हित खाद्य सामग्री प्राप्त करने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही महिला बंदियों के लिए खुली जेल व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसमें करीब 10 प्रतिशत कुटिया महिला बंदियों के लिए आरक्षित होंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की 125 जेलों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए आरओ प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे बंदियों को शुद्ध पानी उपलब्ध हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान डीजी ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बंदियों के हित में और सुधार करने के निर्देश दिए।
