वरिष्ठ पत्रकार विष्णुकांत त्रिपाठी की पुण्य स्मृति में बालिका छात्रावास में सेवा कार्य, आंखें हुईं नम…..
सतना। बीते वर्ष 25 दिसंबर का दिन आज भी आंखें नम कर देता है, वरिष्ठ पत्रकार विष्णुकांत त्रिपाठी के निधन को एक वर्ष पूर्ण होने पर उनकी पुण्य स्मृति में सिविल लाइन स्थित बालिका छात्रावास में सेवा और संवेदना का आयोजन किया गया,
इस अवसर पर छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं को ठंड से बचाव के लिए कंबल, टोपा, स्लीपर सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री वितरित की गई, साथ ही कॉपी-पेन जैसी शैक्षणिक सामग्री भी बालिकाओं को दी गई, ताकि उनकी पढ़ाई में छोड़ा सहयोग हो सके।
कार्यक्रम में स्वर्गीय विष्णुकांत त्रिपाठी के परिजन, शहर के वरिष्ठ पत्रकार, उनके साथी और शुभचिंतक उपस्थित रहे, सभी ने नम आंखों से उस व्यक्तित्व को याद किया, जिसने अपनी निर्भीक पत्रकारिता, सादगी और मानवीय दृष्टिकोण से जिले में एक अलग पहचान बनाई।
बालिका छात्रावास पहुंचकर सभी ने उनकी स्मृति को नमन किया और कहा कि विष्णु त्रिपाठी केवल एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि समाज को दिशा देने वाले मार्गदर्शक थे,
25 दिसंबर 2024 का वह दिन, जब विष्णुकांत त्रिपाठी का असामयिक निधन हुआ, पूरे जिले को झकझोर गया था, पत्रकारिता जगत ने एक ऐसी आवाज खो दी थी, जो सच को बिना भय के लिखती थी और आम आदमी की पीड़ा को प्रमुखता से सामने लाती थी, उनके लेखों में जीवन का यथार्थ, सामाजिक सरोकार और संवेदनशीलता साफ झलकती थी,
कहा जाता है कि नियति के लेख को कोई बदल नहीं सकता, लेकिन विष्णु त्रिपाठी की कलम, मिलनसार व लोगों को जोड़कर रखने वाले स्वभाव ने कई लोगों के जीवन की दिशा बदलने का प्रयास जरूर किया है,
आज उनकी स्मृति में किया गया यह सेवा कार्य उसी विचारधारा का प्रतीक बना, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की भावना थी। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि विष्णुकांत त्रिपाठी के मूल्यों, सत्यनिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि उनकी स्मृति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में जीवित रहे।