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सतना में दहशत का राज: नशेड़ियों का आतंक, पुलिस पर पथराव, खामोशी में जी रहा मोहल्ला…..

सतना/अमित। मध्य प्रदेश के सतना जिले में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोलगवां थाना क्षेत्र के हनुमान नगर नई बस्ती (वार्ड क्रमांक-15) में पुलिस टीम पर हुए पथराव की घटना ने न सिर्फ खाकी की चुनौती उजागर की, बल्कि उस भयावह सच्चाई को भी सामने ला दिया, जिसमें आम लोग हर रात डर के साये में जीने को मजबूर हैं।

जब हमारी टीम मौके पर पहुंची और हालात को करीब से देखा, तो माहौल असहज और खामोश था। उपद्रवियों के आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं था। दबी जुबान में कुछ लोगों ने बताया कि अगर किसी ने आवाज उठाई, तो उसे और उसके परिवार को निशाना बनाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मोहल्ले के खाली मैदानों में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अलग-अलग समूह बनाकर रात भर शराबखोरी करते हैं, गाली-गलौज और हुड़दंग आम बात है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि रात के समय महिलाओं और बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। डर अब लोगों की दिनचर्या बन चुका है।
इसी माहौल में बीती रात जब नशे में धुत बदमाशों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उन पर पथराव कर दिया गया। पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। यह घटना सिर्फ पुलिस पर हमला नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन के लिए चेतावनी है।
प्रशासन से अपेक्षा है कि ऐसे इलाकों में सख्त, निरंतर और प्रभावी कार्रवाई हो। पुलिस को इन आपराधिक तत्वों को ऐसा सबक सिखाना चाहिए कि वह नजीर बने। कानून का डर पैदा किए बिना ऐसे क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा संभव नहीं है।
आज भी वार्ड-15 जैसे इलाकों में लोग डर के कारण घरों से नहीं निकलते। सवाल यह है—क्या कानून का खौफ अपराधियों में होगा या फिर आम नागरिक ही यूं ही दहशत में जीते रहेंगे?
अब वक्त है कि पुलिस और प्रशासन केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि भरोसा भी बहाल करे।

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