सेप्रेट गोदाम की आड़ में राइस मिलों में धान भंडारण, नियमों को ताक पर रखकर हो रही तैयारी…..
सतना। जिले में वेयरहाउस गोदामों की भारी कमी के चलते धान भंडारण की समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में राइस मिलरों के सेप्रेट (अलग) गोदामों में भंडारण की अनुमति दी थी। लेकिन इस निर्णय की आड़ में अब वेयरहाउसिंग अधिकारियों ने सीधे राइस मिल परिसरों में ही धान भंडारण की तैयारी कर ली है, जो स्पष्ट रूप से भंडारण मापदंडों का उल्लंघन है।
यह है उदाहरण… सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नागौद व मझगवां क्षेत्र की राइस मिलर को उपकृत किया जा रहा है। सिंघल इंडस्ट्रीज नागौद, जय अम्बे राइस मिल मझगवां, गणेश राइस मिल नागौद, विनोद राइस मिल नागौद और एलाइव राइस मिल नागौद में कोई पृथक सेप्रेट गोदाम उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद इन मिलों के भीतर ही धान भंडारण की व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे धान की गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों का दावा है कि प्रत्येक राइस मिल में धान भंडारण की अनुमति देने के बदले हजारों रुपए तक की अवैध वसूली भी की जा रही है।
हाथ पर हाथ धरे बैठे अफसर….
यह पूरा मामला भंडारण व्यवस्था से अधिक एक संगठित अनियमितता की ओर इशारा करता है। बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया वेयरहाउसिंग के जिला प्रबंधक क़े नेतृत्व में संचालित होना बताई जा रही है। वहीं, जिला प्रबंधक नान एवं खाद्य आपूर्ति अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर अनजान बने बैठे हैं जबकि राइस मिलों में भंडारण शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं है।