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रीवा में ‘संजीवन हॉस्पिटल एंड चेस्ट केयर’ की शुरुआत, विंध्य क्षेत्र को मिला विशेष चेस्ट और क्रिटिकल केयर केंद्र….

फेफड़ा रोगियों को स्थानीय स्तर पर उन्नत सुविधाएं….

रीवा। विंध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक नई पहल के तहत रीवा में संजीवन हॉस्पिटल एंड चेस्ट केयर का शुभारंभ किया गया है। यह केंद्र फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों और क्रिटिकल केयर सेवाओं के लिए समर्पित अस्पताल के रूप में स्थापित किया गया है। प्रबंधन के अनुसार, यहां जांच, उपचार और गंभीर मरीजों की निगरानी की आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

बाहर रेफर होने की मजबूरी में कमी की उम्मीद
अब तक विंध्य क्षेत्र के कई मरीजों को फेफड़ों की गंभीर बीमारियों या आईसीयू सुविधा के अभाव में जबलपुर, भोपाल या अन्य बड़े शहरों में भेजा जाता रहा है। नए अस्पताल के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ परामर्श और उपचार संभव होने की उम्मीद है। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।

उन्नत जांच और उपचार की सुविधाएं.. अस्पताल के संस्थापक पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश तिवारी के अनुसार, यहां अस्थमा, टीबी, निमोनिया और अन्य श्वास रोगों के उपचार की व्यवस्था है। विशेष जांच सुविधाओं में स्लीप स्टडी, एलर्जी टेस्टिंग, थोराकोस्कोपी (Thoracoscopy) और श्वास नलियों की दूरबीन से जांच (ब्रोंकोस्कोपी) शामिल हैं। इन तकनीकों के माध्यम से फेफड़ों से संबंधित जटिल रोगों की सटीक पहचान और उपचार की योजना बनाई जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, सुसज्जित क्रिटिकल केयर यूनिट, वेंटिलेटर सपोर्ट और आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम उपलब्ध कराए गए हैं। अस्पताल में प्रशिक्षित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे सेवाएं देने के लिए तैनात रहेंगे।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि विशेषीकृत अस्पतालों की उपलब्धता से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होती हैं और प्रतिस्पर्धा के चलते गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ती है। हालांकि, उपचार की लागत और पारदर्शिता जैसे पहलू भी उतने ही महत्वपूर्ण रहेंगे।
संजीवन हॉस्पिटल एंड चेस्ट केयर की स्थापना को विंध्य क्षेत्र में फेफड़ा रोगियों के लिए एक नए विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसकी वास्तविक उपयोगिता सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों के अनुभव के आधार पर तय होगी।

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