प्राची मिश्रा ने विदिशा पुस्तक मेले में बिखेरा काव्य का जादू…..

विदिशा पुस्तक मेले के छठवें दिन रवींद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन में आयोजित “एकल काव्य पाठ” कार्यक्रम में सतना की चर्चित एवं लोकप्रिय कवयित्री प्राची मिश्रा ने अपनी कविताओं और गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष आमंत्रण पर पहुंचीं प्राची मिश्रा ने साहित्यिक मंच पर सतना का नाम रोशन करते हुए काव्य रसिकों को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के संपादक डॉ. ललित किशोर मंडोरा ने परंपरा अनुसार उन्हें पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया। काव्य पाठ के दौरान सभागार तालियों से गूंज उठा और श्रोता उनके गीतों में डूबते चले गए।
काव्य पाठ के उपरांत प्राची मिश्रा ने पाठकों से संवाद करते हुए विदिशा में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर विविध पुस्तकों से जोड़ना बेहद जरूरी है और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास इस दिशा में प्रेरणादायी कार्य कर रहा है।
इस मौके पर विदिशा के साहित्य प्रेमियों ने प्राची मिश्रा की कविताओं को आत्मा की गहराइयों तक महसूस किया और उन्हें सतना की साहित्यिक धरोहर बताया…….