परशुराम प्रकटोत्सव की तैयारियां तेज: एक मंच पर जुटा ब्राह्मण समाज, भव्य आयोजन का सर्वसम्मति से संकल्प…..

ब्राह्मण एकता समन्वय समिति की बैठक संपन्न……

सतना। सतना में ब्राह्मण समाज एक बार फिर संगठित शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है। ब्राह्मण एकता समन्वय समिति द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन एक मंच पर एकजुट नजर आए। बैठक का माहौल उत्साह, एकता और समर्पण से भरा रहा, जहां सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस वर्ष का भगवान परशुराम प्रकटोत्सव अभूतपूर्व होने जा रहा है।
बैठक की विशेषता यह रही कि युवाओं की पहल पर सर्व समाज को साथ लेकर चलने की व्यापक रूपरेखा तैयार की गई। इसमें महिलाओं और वरिष्ठजनों ने भी अपने सुझाव देकर आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम जी के पावन प्रकटोत्सव पर निकलने वाली शोभा यात्रा को भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक स्वरूप देने का संकल्प लिया।
बैठक में तय किया गया कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और भाईचारे का संदेश देने वाला महोत्सव बनेगा। इसके लिए यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, आकर्षक झांकियां, सुसज्जित रथ, बैंड-बाजे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत योजना तैयार की गई। आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं, ताकि हर व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान परशुराम का जीवन धर्म, साहस और न्याय का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी प्रेरणा से समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आकर नेतृत्व करने और समाज की परंपराओं को नई ऊर्जा देने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान यह भी देखने को मिला कि महिलाएं, युवा और वरिष्ठजन सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन को भव्य बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर सहयोग देने का भरोसा दिलाया। सभी संगठनों ने एकमत होकर यह संकल्प दोहराया कि इस वर्ष सतना में मनाया जाने वाला परशुराम प्रकटोत्सव न केवल ऐतिहासिक होगा, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बनकर पूरे क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।




