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रेवांचल रोशनी सतना: परियोजना के कामों में तेजी लाकर समय-सीमा में पूर्ण करें- कलेक्टर

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सतना।। निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण नहीं करने से अनावश्यक लागत में वृद्धि होती है और उसका लाभ भी विलंब से लोगों को मिल पाता है। परियोजना के संचालित कार्यों में तेजी लाकर समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएं। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत डॉ परीक्षित झाड़े, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन आरएस नट, पीएचई रावेन्द्र सिंह, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के महाप्रबंधक गणेश मिश्रा, कार्यपालन यंत्री आरईएस अश्वनी जायसवाल, जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस योगेश तिवारी भी उपस्थित रहे।


     जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि विभाग के एसडीओ और उपयंत्री निर्माणाधीन कार्यों और परियोजना का सतत निरीक्षण करें और संविदाकारों से निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरे करवाएं। जल संसाधन के कार्यपालन यंत्री आरएस नट ने बताया कि जिले में 43 करोड़ 13 लाख रुपये लागत का अधियारी सागर बांध और 29 करोड 13 लाख रुपये लागत से बन रहे कुरी बांध-2 के बांध का काम शत-प्रतिशत पूरा है। जबकि नहरों के निर्माण का कार्य 90 से 92 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। शारदा सागर बांध लागत 1374 लाख रुपये, झगरहा बांध 364 लाख और 24 करोड़ 2 लाख की लागत से बनने वाले पाथरकछार बांध का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसी प्रकार 387 करोड़ रुपये लागत की स्वीकृत रामनगर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मार्च 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। शीर्ष कार्यों में 52 प्रतिशत भौतिक प्रगति है। योजना में 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई होगी।
     कार्यपालन यंत्री पीएचई ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत सोहावल, नागौद और मझगवां ब्लॉक की कुल 44 योजनाएं पूर्ण हैं। जिनमें से 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली 6554 लाख की 57 योजनाओं में से 7 योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। पूर्ण योजनाओं में नागौद की मढ़ी, सोहावल की रामस्थान, सकरिया, सोहावल, माधवगढ़, बेलहटा, अहिरगांव की योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। मझगवां की 10 योजनाएं अक्टूबर 2022 तक पूर्ण होंगी। सीईओ जिला पंचायत डॉ परीक्षित झाड़े ने कहा कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं को संचालन के लिए स्व-सहायता समूहों से संबद्ध करें और पेयजल स्रोत के रिचार्ज के लिए भी जल संरचना का प्रस्ताव बनाएं।
     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के महाप्रबंधक ने बताया कि जिले में योजना के तहत 2425 किलोमीटर लंबाई के 615 कुल मार्ग हैं। जिनमें 400 किलोमीटर लंबाई के 110 सड़क मार्ग निर्माणाधीन है। निर्माणाधीन ब्रिज 280 मीटर लंबाई के 7 ब्रिजों में काम चल रहा है। जबकि 215 मीटर लंबाई के 6 ब्रिज निविदा प्रक्रिया में है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क चरण-3 के तहत अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है। सुंदरा-सिंहपुर से मड़ई शिवराजपुर में 66 मीटर ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है।
     कार्यपालन यंत्री आरईएस अश्वनी जायसवाल ने बताया कि 50 लाख रुपये से अधिक लागत के कार्यों में जुलाई 2022 में मुख्यमंत्री सड़क योजना के 7 कार्य स्वीकृत हुए हैं। विभाग में कुल 25 करोड़ 83 लाख रुपये लागत के 29 निर्माण कार्य चल रहे हैं। जिनमें अब तक 770 लाख रुपए व्यय हुआ है। कलेक्टर अनुराग वर्मा ने अमृत सरोवर के अलावा पुरानी जल संग्रहण की संरचनाओं, स्टॉप डैम, पुराने तालाबों के पुनरुद्धार के किए गए कार्यों का अभिलेखीकरण करने और उन्हें उपयोगकर्ता दलों से संबद्ध करने के निर्देश भी दिए।

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