कोठी में बिजली निराकरण पर सवाल: समाधान के दिन भी उपभोक्ता परेशान, बाबू पर अभद्रता और वसूली के आरोप…….
आदित्य मिश्रा/कोठी।

सतना जिले के कोठी क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि निराकरण के लिए निर्धारित दिन पर भी उन्हें राहत नहीं मिल रही, उल्टा अभद्र व्यवहार और अनावश्यक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों के मुताबिक, विभागीय बाबू राजकुमार कुशवाहा सप्ताह में केवल शनिवार को कोठी में निराकरण के लिए बैठते हैं, जबकि बाकी दिन जैतवारा में रहते हैं। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। शनिवार को समाधान योजना की अंतिम तिथि होने के बावजूद कई उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
एक उपभोक्ता ने बताया कि उनके पम्प का लोड 3 एचपी से 5 एचपी कब और कैसे बढ़ा दिया गया, इसकी जानकारी मांगने पर उन्हें दो घंटे बाहर इंतजार करने को कहा गया। आरोप है कि जब सवाल ज्यादा किए जाते हैं तो बाबू अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हैं और शिकायत करने पर “जो करना हो कर दो” जैसी बातें कहकर टाल देते हैं।
कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि कनेक्शन और अन्य कार्यों के नाम पर 500 से लेकर 2500-3500 रुपये तक की मांग की जाती है, जबकि सरकार द्वारा सस्ती दरों पर कनेक्शन देने की घोषणाएं की गई थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है,
वही लगातार मिल रही शिकायतों ने विभाग की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और निराकरण व्यवस्था को नियमित व पारदर्शी बनाया जाए, ताकि समाधान के नाम पर उपभोक्ताओं को अपमान और परेशानी न झेलनी पड़े।