मध्यप्रदेशसतना

जेल में मोबाइल, बाहर सन्नाटा! बंदी से बरामद मोबाइल का रहस्य गहराया, विधायक ने उठाए गंभीर सवाल…..

अमित मिश्रा/सतना।

सतना। केंद्रीय जेल सतना में हत्या के दोषी बंदी जगन्नाथ यादव के पास से चालू मोबाइल फोन बरामद होने के दो दिन से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी न तो एफआईआर दर्ज हुई है और न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि यह मोबाइल आखिर जेल के भीतर पहुंचा कैसे। पूरा मामला शनिवार सुबह 10:30 बजे तब उजागर हुआ जब ड्यूटी पर तैनात प्रहरी सुंदरलाल बंसल को तलाशी के दौरान जगन्नाथ के पास से की-पैड मोबाइल मिला।

जेल प्रशासन अब कॉल डिटेल के जरिए यह पता लगाने में जुटा है कि बंदी किससे बात करता था और यह मोबाइल उसे कब और किस माध्यम से मिला। सहायक जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी ने बताया कि जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। जेल प्रबंधन ने इस संबंध में कोलगवां थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि मामला जेल परिसर का है, इसलिए जांच में समय लग रहा है।

इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अमरपाटन विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह ने विधानसभा में इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए जेल के भीतर चल रही गड़बड़ियों का खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक जेल अधीक्षक अभिमन्यु पांडेय पिछले आठ वर्षों से कैदियों को मोबाइल और सिम कार्ड मुहैया कराते आ रहे हैं।

डॉ. सिंह ने 7 अप्रैल 2021 की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें अभिमन्यु ने जेलकर्मी नवनीत सिंह ठाकुर और तीन बंदियों के साथ मारपीट कर उन्हें जान से मारने की कोशिश की थी। कोर्ट के आदेश के बाद मामला तो दर्ज हुआ, लेकिन अभिमन्यु पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने जेल महानिदेशक से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों की मानें तो पिछले कुछ वर्षों से जेल की गतिविधियाँ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होती रही हैं। चर्चाएं हैं कि कुछ जेल अधिकारी राजनीतिक और व्यापारिक व्यक्तियों के संपर्क में रहते हैं और विशेष बंदियों को सुविधा देने के लिए ‘सिस्टम’ के भीतर ही व्यवस्था तय की जाती है। हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालिया घटनाएं इन चर्चाओं को बल जरूर दे रही हैं।

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