देशमध्यप्रदेशसतना

खून से लिखी चिट्ठी से प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा तक: डिग्री कॉलेज प्राचार्य हटाने एनएसयूआई का उग्र आंदोलन……

सतना। डिग्री कॉलेज के प्राचार्य को हटाए जाने की मांग को लेकर एनएसयूआई का आंदोलन लगातार तेज और उग्र होता जा रहा है। तीन दिनों से जारी धरना प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विरोध के ऐसे तरीके अपनाए, जिसने न केवल सतना बल्कि भोपाल तक सियासी और शैक्षणिक हलकों का ध्यान खींचा है। प्रदेश महासचिव आनंद पाण्डेय के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में छात्रों के आक्रोश के साथ प्रशासनिक चुप्पी पर तीखे सवाल खड़े किए गए हैं।

आंदोलन के तीसरे दिन आनंद पाण्डेय ने मुख्यमंत्री के नाम अपने खून से चिट्ठी लिखकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। उनका आरोप है कि प्राचार्य द्वारा लंबे समय से मनमानी की जा रही है और छात्रहित से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी हो रही है। उन्होंने विशेष रूप से कॉलेज के सिक रूम को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बीमार या घायल छात्रों के लिए बताया गया सिक रूम सिर्फ कागजों में मौजूद है, जबकि जमीनी हकीकत में वहां कुछ और ही है।

एनएसयूआई ने प्राचार्य से जुड़ी एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद भी आनंद ने विरोध दर्ज कराया था, संगठन का दावा है कि उस ऑडियो में प्राचार्य की कार्यशैली और छात्रों/छात्राओं के प्रति रवैये पर गंभीर सवाल उठते हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।

आक्रोश के इसी क्रम में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने विवादित प्राचार्य की प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकालकर दाह संस्कार किया, यह विरोध शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, तथाकथित बिस्तरकांड और फर्जी आरटीआई जैसे मामलों पर प्रशासनिक चुप्पी के खिलाफ बताया गया,

धरने के दौरान आनंद पाण्डेय ने दो टूक कहा अब यह आर-पार की लड़ाई है, या तो भ्रष्टाचार खत्म होगा या फिर हम जिलाधीश के सामने आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी जिद का परिणाम नहीं, बल्कि अन्याय झेल रहे छात्रों की आवाज है।

इस आंदोलन को एनएसयूआई के वर्तमान और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिल रहा है। सतना में इस तरह का उग्र छात्र आंदोलन वर्षों बाद देखने को मिला है, जिसने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली और प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन छात्र आंदोलन लगातार और तेज होने के संकेत दे रहा है।

Screenshot

Related Articles

Back to top button