कार्यशैली बनी पहचान: ट्रांसफर के बाद भी चर्चाओं में प्रशिक्षु डीएसपी आशुतोष त्यागी का कार्यकाल…..

आदित्य मिश्रा/कोठी। सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र में पदस्थ रहे प्रशिक्षु डीएसपी आशुतोष त्यागी ने अपने अल्प कार्यकाल में ऐसी कार्यशैली प्रस्तुत की, जिसने उन्हें क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई।

शांत, संयमित और मिलनसार स्वभाव के साथ-साथ कानून-व्यवस्था के मामलों में उनकी सख़्ती संतुलित प्रशासन का उदाहरण रही। कुछ ही महीनों में उन्होंने न केवल पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को सक्रिय बनाया, बल्कि थाना परिसर और आमजन के बीच पुलिस की छवि को भी बेहतर किया।

उनके नेतृत्व में कोठी थाने का भौतिक और व्यवस्थागत कायाकल्प देखने को मिला। थाना परिसर को सुव्यवस्थित किया गया, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया और सौंदर्यीकरण के प्रयास किए गए।

रंगीन लाइटों से सुसज्जित परिसर और विकसित पार्क ने थाने को एक सकारात्मक वातावरण प्रदान किया, जिससे आम नागरिकों में भरोसे की भावना मजबूत हुई। यह बदलाव पूर्व थाना प्रभारी आईपीएस मनीष भारद्वाज के कार्यकाल के बाद प्रशासनिक निरंतरता का संकेत भी माना जा रहा है।
कार्य के प्रति उनकी गंभीरता इस बात से स्पष्ट थी कि किसी भी घटना या सूचना पर वे अक्सर स्वयं थाना स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचते थे। इससे घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण संभव हुआ और पुलिस की सक्रियता ज़मीनी स्तर पर दिखाई दी। आम लोगों से संवाद में वे नरम लहजा अपनाते थे, वहीं कानून तोड़ने वालों के प्रति आवश्यक सख़्ती भी बरती जाती थी। यही संतुलन उनकी कार्यशैली की मुख्य विशेषता रहा।
अपने व्यवहार और कार्यप्रणाली के कारण वे आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस स्टाफ में समान रूप से स्वीकार्य रहे। प्रशिक्षण अवधि में रहते हुए भी उन्होंने नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया। हालिया ट्रांसफर के बाद कोठी क्षेत्र में उनके कार्यकाल की चर्चा बनी हुई है। यह साफ़ है कि आशुतोष त्यागी ने सीमित समय में कोठी थाने में एक ठोस और सकारात्मक छाप छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।
