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हाजीपुर में रेलवे डिप्टी चीफ इंजीनियर 1 करोड़ की रिश्वत लेते गिरफ्तार, कई भ्रष्ट इंजीनियर सरकार की रडार पर.! नोट गिनने मशीन बुलानी पड़ी…..

अमित मिश्रा/सतना।

हाजीपुर। देश भर में ऐसे कई भ्रष्ट इंजीनियर और अधिकारी सरकार की रडार पर हैं, जो निर्माण गुणवत्ता से समझौता कर मोटी रिश्वत वसूल रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो कई विभागों में बड़े स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है, और आने वाले दिनों में कई चीफ इंजीनियरों पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसी बीच हाजीपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया है।रेलवे निर्माण विभाग के डिप्टी चीफ इंजीनियर आलोक कुमार को CBI ने 1 करोड़ की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

शनिवार को हाजीपुर जंक्शन परिसर स्थित उनके कार्यालय में 12 सदस्यीय CBI टीम ने धावा बोला। तलाशी में कागज में लपेटकर रखा 1 करोड़ से अधिक कैश बरामद हुआ, जिसे गिनने के लिए टीम को नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी। कार्रवाई पूरे 12 घंटे चली।CBI ने इंजीनियर आलोक कुमार के साथ उनके क्लर्क आलोक दास, माणिक दास (चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी) और दो ठेकेदार कर्मियों सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। कई फाइलें, दस्तावेज और संदिग्ध रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।

CBI के अनुसार इंजीनियर आलोक कुमार, ठेकेदार गोविंद भुल्लर, सूरज प्रसाद और राजा के बीच गलत बिलों, मेजरमेंट बुक में हेरफेर और खराब निर्माण सामग्री को नजरअंदाज कर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की मिलीभगत थी, जिससे रेलवे को भारी नुकसान हुआ।

सूचना थी कि 15 नवंबर को रिश्वत का पैसा हाजीपुर लाया जा रहा है। पुख्ता जानकारी मिलने पर CBI ने रेड की और पूरी टीम सीधे आलोक के कार्यालय की दूसरी मंजिल पर पहुंच गई। कार्यालय के अधिकारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सभी को हिरासत में ले लिया गया।

रेलवे की CPRO सरस्वती चंद्र ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं है और सीबीआई अपनी ओर से आधिकारिक बयान जारी करेगी।सरकार अब ऐसे भ्रष्ट इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई के मूड में है, यह मामला आने वाले बड़े कदमों की शुरुआती दस्तक माना जा रहा है।

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