चित्रकूट में बंदरों की रहस्यमयी मौतों से सनसनी, पुलिस-वन विभाग जांच में जुटे, जहर या करंट की आशंका…..

एमपी-यूपी सीमा पर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ नगरी चित्रकूट में एक साथ दो दर्जन से अधिक बंदरों की रहस्यमयी मौत ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। कुशवाहा बस्ती के पास सड़क किनारे लगभग एक किलोमीटर के दायरे में बंदरों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वन विभाग मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे बड़ी संख्या में बंदरों के शव पड़े होने की जानकारी सबसे पहले स्थानीय लोगों ने दी। कुछ बंदर जीवित अवस्था में भी पाए गए, जिन्हें उपचार के प्रयास किए गए। वन विभाग द्वारा मृत बंदरों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही बिसरा सुरक्षित रखवाया गया है, ताकि लैब जांच के माध्यम से मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।

प्रारंभिक जांच में बंदरों की मौत को लेकर कई आशंकाएं सामने आ रही हैं। करंट लगने, जहरीले पदार्थ के सेवन अथवा सामूहिक रूप से हत्या कर शवों को यहां फेंके जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना किसी साजिश का परिणाम तो नहीं है।

भगवान श्रीराम की तपोभूमि और हनुमान जी से जुड़े प्रतीक माने जाने वाले बंदरों की इस तरह मौत से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे शरारती तत्वों की भूमिका हो सकती है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों और संत समाज ने दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है।
