बीच बस्ती में प्रस्तावित मुक्तिधाम का ग्रामीणों ने किया विरोध, स्थान परिवर्तन की उठी मांग….

सतना। ग्राम पंचायत मझगवा-भट्टा बीच बस्ती के भीतर बनाए जा रहे मुक्तिधाम को लेकर ग्रामीणों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। बस्तीवासियों का कहना है कि करही-हरमल्ला क्षेत्र में स्थित बस्ती से लगी शासकीय भूमि पर मुक्तिधाम का निर्माण सामान्य सामाजिक परंपराओं और व्यवहारिक आवश्यकताओं के विपरीत है।
आमतौर पर मुक्तिधाम बस्ती क्षेत्र से बाहर बनाए जाते हैं, ताकि जनजीवन, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को असुविधा न हो।

ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर मुक्तिधाम का निर्माण प्रस्तावित है, उसके चारों ओर घनी आबादी है। आसपास आवासीय मकान हैं और दिन-रात लोगों का आवागमन बना रहता है। वहीं पास में स्थित हनुमान मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते-जाते हैं, जिससे क्षेत्र हमेशा सक्रिय रहता है। ऐसी स्थिति में मुक्तिधाम का निर्माण सामाजिक, धार्मिक और मानसिक दृष्टि से उपयुक्त नहीं माना जा रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के पास बस्ती से हटकर अन्य शासकीय भूमि उपलब्ध है, जहां मुक्तिधाम का निर्माण बिना किसी आपत्ति के किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे मुक्तिधाम के निर्माण के विरोध में नहीं हैं, बल्कि उसके स्थान को लेकर अपनी व्यावहारिक आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। बस्ती के भीतर प्रस्तावित भूमि पर भविष्य में कोई सामुदायिक भवन, पार्क, मंदिर या बच्चों के उपयोग की सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुक्तिधाम का स्थान परिवर्तित किया जाए और उसे बस्ती से बाहर उपयुक्त स्थल पर बनाया जाए, ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे और अनावश्यक विवाद से बचा जा सके।