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उपार्जन कमेटी पर भ्रष्टाचार के आरोप, भोपाल में कमिश्नर से शिकायत….

सतना। बजरंग महिला स्व सहायता समूह बिहटा से जुड़े कार्यों में जमकर गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, आरोप है की धान उपार्जन के दौरान इस महिला स्व सहायता समूह के द्वारा जमकर गड़बडिया की गई है।

मामले मे नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक पंकज बोरसे ने जांच कर पंचनामा बनाने के साथ ही प्रकरण कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया है। जिसके बाद कलेक्टर कार्यालय से नोटिस जारी हुई। वहीं अब उस संस्था को बचाने को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त, भोपाल को शिकायत पत्र सौंपकर उपार्जन समिति की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

60 दिन बाद बचाव का प्रयास….
आरोप हैं की नान डीएम की इस कार्रवाई के बाद जिला उपार्जन समिति के सदस्य जिला आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन, जिला प्रबंधक नान पंकज बोरसे, उपायुक्त सहकारिता प्रभाकरण प्रकाश, जिला प्रबंधक वेयरहाऊसिंग दिनेश त्रिपाठी ने कार्रवाई के 60 दिन बाद संस्था को बचाव में उतर आए। उपार्जन कमेटी के सभी सदस्यों ने बजरंग महिला स्व सहायता समूह बिहटा को बचाने के लिए योजना बना डाली, व फाइल कलेक्टर डॉ.सतीष कुमार एस के पास भेज दी। वही कलेक्टर को गुमराह कर उपार्जन कमेटी इस संस्था को काम दिलवाना चाह रही है।

भोपाल में पहुंची यह शिकायत….

आदित्य सिंह ने भोपाल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के उपार्जन कार्य के दौरान 22 दिसंबर को जिला प्रबंधक पंकज बोरसे एवं उनकी टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में 42984 क्विंटल के विरुद्ध मात्र 22411 क्विंटल धान ही मौके पर पाया गया। वहीं 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करीब 5 करोड़ 30 लाख रुपए से अधिक की राशि में अंतर सामने आया। साथ ही 1786 क्विंटल धान किसानों के खातों में चढ़ाकर शासकीय राशि के गबन का आरोप भी लगाया गया है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि उक्त धान व्यापारियों का था, जिसका प्रकरण बनाकर उपार्जन समिति सतना के समक्ष प्रस्तुत किया गया, लेकिन आरोप है कि समिति के जिम्मेदारों द्वारा मोटी रकम लेकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने कहा कि जहां आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए था, वहां कार्रवाई में देरी की जा रही है और धान जब्ती तक नहीं की गई। शिकायत में आयुक्त से मांग की गई है कि उपार्जन समिति एवं संबंधित संस्था/समूह के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को उपार्जन कार्य से पृथक किया जाए, ताकि किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके……

उपार्जन कमेटी के जिम्मेंदार………….👇

सम्यक जैन- जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी,👆

पंकज बोरसे- जिला प्रबंधक नान,👆

प्रभाकरण प्रकाश- उपायुक्त, सहकारिता,👆

दिनेश त्रिपाठी- जिला प्रबंधक डब्ल्यूएलसी,👆

यह हुई थी कार्रवाई, फिर नोटिस जारी..👇

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