घर के आंगन में बहा विश्वास का खून: पोते की हैवानियत से दादी गंभीर, समाज शर्मसार……

मैहर जिले के अमदरा थाना अंतर्गत रैगवा गांव से सामने आई यह हृदयविदारक घटना केवल एक आपराधिक समाचार नहीं, बल्कि आज के समाज के रिश्तों पर लगे उस गहरे घाव की तस्वीर है, जिसे पढ़कर हर संवेदनशील मन विचलित हो उठे। जिस घर में कभी स्नेह, भरोसा और संस्कारों की नींव रखी गई थी, उसी घर में आज विश्वास की हत्या कर दी गई।
लगभग 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला फूलन बाई दहिया, जिन्होंने अपने पोते को गोद में खिलाया, चलना सिखाया और जीवन की पहली सीख दी, वही दादी आज उसी पोते की दरिंदगी का शिकार बन गईं। पैसों की लालच में अंधे 23 वर्षीय पोते बोते ने दादी के पैसे देने से इनकार करने पर ब्लेड से उनकी गर्दन पर जानलेवा हमला कर दिया।
यह दृश्य केवल खून से सना नहीं था, बल्कि उन टूटती उम्मीदों का प्रतीक था, जो एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही खून से बांध रखी थीं।
परिजनों के अनुसार आरोपी आए दिन पैसों की मांग और मारपीट करता था, जिससे पूरा परिवार भय और तनाव में जी रहा था। शनिवार सुबह लगभग 10 बजे जब घर में सामान्य माहौल था, तभी एक बार फिर पैसों की मांग को लेकर विवाद हुआ और पल भर में रिश्तों की सारी मर्यादा तार-तार हो गई। हमले के बाद आरोपी फरार हो गया, जबकि लहूलुहान दादी को पहले मैहर अस्पताल और फिर गंभीर हालत में सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
सूचना मिलते ही अमदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आईना है। सवाल यह है कि क्या हम अपने संस्कार, रिश्तों और बुजुर्गों के सम्मान को खोते जा रहे हैं? जब अपने ही घर में बुजुर्ग सुरक्षित नहीं, तो समाज की दिशा पर गंभीर मंथन की आवश्यकता है…..