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प्राचार्यों के फर्जी हस्ताक्षर से 28 लाख हड़पने की साजिश, सतना में स्कूल मरम्मत घोटाले का पर्दाफाश….

आदित्य मिश्रा/कोठी।

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर घोटाला सामने आया है, जहाँ शासकीय स्कूलों में मरम्मत, रंगाई-पुताई के नाम पर करीब 28 लाख 98 हजार 293 रुपये की अवैध निकासी की साजिश रची गई। जांच में खुलासा हुआ है कि बिना कोई कार्य कराए ही एक ठेकेदार ने स्कूल प्राचार्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान लेने की कोशिश की।

आरोपी ठेकेदार की पहचान सत्यव्रत तिवारी, निवासी ग्राम देवरा, जिला मऊगंज के रूप में हुई है, जो सत्यव्रत कंस्ट्रक्शन के नाम से कार्य करता है। ठेकेदार द्वारा सतना जिले के छह शासकीय स्कूलों— सांदीपनि उमावि बगहा, कन्या हाईस्कूल माधवगढ़, हाईस्कूल मूदहा, हाईस्कूल सिजहटा, उमावि खम्हरिया तिवरियान एवं उमावि गोरैया, के नाम पर लगभग 5-5 लाख रुपये के फर्जी बिल तैयार कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजे गए।

मामले का खुलासा तब हुआ जब भुगतान फाइलों की जांच के दौरान संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों से भौतिक सत्यापन कराया गया। सभी प्राचार्यों ने लिखित रूप से स्पष्ट किया कि न तो उनके स्कूल में कोई मरम्मत कार्य हुआ है और न ही उन्होंने किसी बिल या फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं। जांच में फाइलों में दर्ज जावक क्रमांक भी फर्जी पाए गए।

मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी दस्तावेज सिटी कोतवाली पुलिस को सौंप दिए हैं। ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की तैयारी है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस साजिश में विभागीय स्तर पर भी किसी की मिलीभगत थी। समय रहते जांच होने से सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया है।

बाइट- डीपी सिंह चौहान, नगर पुलिस अधीक्षक सतना।

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