देशमध्यप्रदेशसतना

प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ोतरी पर सतना में सर्वदलीय आक्रोश…..

सोशल मीडिया से चौराहों तक गूंजा सवाल, जनता पूछ रही जवाब…..

सतना शहर में प्रस्तावित प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ोतरी अब केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं रह गई है, बल्कि यह जनआक्रोश का बड़ा मुद्दा बन चुकी है, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विरोध अब शहर के प्रमुख चौराहों, कार्यालयों, दुकानों और आम बैठकों में चर्चा का केंद्र बन गया है, हर वर्ग में एक ही सवाल गूंज रहा है, जब सुविधाएं शून्य हैं, तो टैक्स बढ़ाने की जरूरत क्यों?

इस विरोध की सबसे अहम बात यह है कि इसे किसी एक दल तक सीमित नहीं रखा जा सकता, कांग्रेस के कई नेताओं के साथ-साथ सत्ताधारी भाजपा के कुछ पार्षदों का भी इस बढ़े हुए टैक्स के विरोध में खुला समर्थन सामने आ रहा है, वरिष्ठ समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और कई सामाजिक संगठन भी इस मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, जिनमे रॉयल राजपूत संगठन, विप्र सेना, करनी सेना, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, विन्ध्य विकास फोरम, एहसास फाऊंडेशन, कायस्थ विचार मंच, जिला ट्रेड यूनियन कौंसिल, पन्नी लाल चौक व्यापारी संघ, भृगु ब्राह्मण समाज, दिगम्बर जैन समाज, विश्व हिन्दू महासंघ, जिये सिन्ध सेवा सहित अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं,
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि टैक्स लगाने से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन टैक्स कब और क्यों लगाया जाए, यह तय करने की जिम्मेदारी प्रशासन की है, शहरवासियों का तर्क है कि पहले बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए, सड़कें ठीक हों, समय पर कचरा उठे, जलभराव से राहत मिले, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधरे, उसके बाद टैक्स बढ़ाने पर चर्चा हो…

बैठकों में वर्तमान हालात में लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह अनुचित बताया जा रहा है,
शहर के गरीब, मध्यमवर्गीय और छोटे व्यापारियों में इस फैसले को लेकर विशेष नाराजगी है। उनका कहना है कि महंगाई पहले ही कमर तोड़ रही है, ऐसे में बिना सुविधाएं दिए टैक्स थोपना अन्याय है, यही वजह है कि सर्व समाज एक स्वर में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग कर रहा है,

लोगों का बड़ा सवाल यह है कि जो नेता हमेशा शहर और गरीबों के हितों की बात करते हैं, वे अब तक इस मुद्दे पर खुलकर सामने क्यों नहीं आए? विपक्ष ने अब तक कोई बड़ा प्रदर्शन क्यों नहीं किया और सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की, यह सवाल जनता पूछ रही है, राजनीतिक चुप्पी को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है,

टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में योगेश शर्मा, नीरज सिंह, अविन शर्मा, रजनीश द्विवेदी, पंकज शुक्ल, प्रणय धाराधार, देवेंद्र तिवारी, सिद्धार्थ पांडे सहित सैकड़ों युवाओं ने सोशल मीडिया पर संगठित मुहिम छेड़ दी है, लगातार पोस्ट, अपील और चर्चाओं के जरिए जनदबाव बनाया जा रहा है,

अब यह देखना अहम होगा कि बढ़ता जनदबाव नगर निगम और जनप्रतिनिधियों को अपनी नीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर करता है या फिर यह विरोध जल्द ही एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा, फिलहाल सतना में प्रॉपर्टी टैक्स का मुद्दा शहर की राजनीति और जनचर्चा का केंद्र बन चुका है……..

Related Articles

Back to top button