एडवोकेट अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी पर उबाल, परशुराम संघ ने दी राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी…..
आदित्य मिश्रा, कोठी/सतना।
सतना। एडवोकेट अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी को लेकर देशभर में असंतोष की लहर तेज होती जा रही है। इसी क्रम में गिरफ्तारी के विरोध में परशुराम संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश दुबे ने कड़ा बयान देते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि एडवोकेट अनिल मिश्रा को तत्काल रिहा नहीं किया गया तो परशुराम संघ पूरे देश में व्यापक आंदोलन छेड़ेगा।
राजेश दुबे ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, विचार व्यक्त करने और असहमति जताने का समान अधिकार है। किसी अधिवक्ता को उसके विचारों या अभिव्यक्ति के कारण गिरफ्तार करना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था और संविधान की भावना के भी विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई कानून के दायरे से बाहर जाकर की गई है, जिससे आम नागरिकों में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय की रीढ़ होता है और यदि वकीलों की आवाज को दबाया जाएगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा। परशुराम संघ इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक आंदोलन करेगा। दुबे ने प्रशासन से अपील की कि हालात बिगड़ने से पहले मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर एडवोकेट अनिल मिश्रा को सम्मानपूर्वक रिहा किया जाए।