जिंदा रहते दहेज केस, मरने पर संबल का हक मांगने पहुंच गई पत्नी….
अमित मिश्रा/सतना।

संबल राशि पर पत्नी-मां में विवाद, अफसर उलझे, पति को छोड़ा, मुआवजा नहीं छोड़ा!
सतना। उचेहरा जनपद में ग्राम पोड़ी गरादा निवासी वीरेन्द्र सिंह की मौत के बाद संबल योजना की अनुग्रह राशि को लेकर अजब विवाद खड़ा हो गया है। पति को जीवनकाल में छोड़ चुकी पत्नी ने अब पति की मौत के बाद मुआवजा लेने दावा ठोक दिया है, जिससे अधिकारी पसोपेश में हैं।
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2021 में वीरेन्द्र का विवाह रुचि से हुआ था, लेकिन वह शादी के उपहार वापस लेकर मायके चली गई थी। जुलाई 2022 में वीरेन्द्र ने पत्नी के भाई और पिता द्वारा मारपीट की शिकायत भी थाने में दर्ज कराई थी। अक्टूबर 2022 में वीरेन्द्र की मृत्यु हो गई।
वीरेन्द्र संबल योजना में पंजीकृत था, जिस पर मां रामबाई ने अनुग्रह राशि के लिए आवेदन दिया। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत वोटर लिस्ट, परिवार आईडी और समग्र आईडी में वीरेन्द्र और उसकी मां का नाम दर्ज है, पत्नी रुचि का नाम कहीं नहीं है।
इधर रुचि ने मुआवजा अपनी मां को न देने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में कर दी। अफसर असमंजस में हैं कि संबल राशि किसे दी जाए। सहायक श्रमायुक्त रीवा संभाग से मार्गदर्शन मांगा गया है। प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है, वहीं गांव और सोशल मीडिया में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।